श्री यशवर्धन कुमार सिन्हा को HRPC डॉ. भीम राव अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया
Awardह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) के अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में भारत के माननीय पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त श्री यशवर्धन कुमार सिन्हा को HRPC डॉ. भीम राव अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार किसी भी देश के उस नागरिक को दिया जाता है जो विधिक क्षेत्र से जुड़ा हो, जैसे अधिवक्ता, न्यायाधीश या समकक्ष पेशेवर, और जिसने मानवाधिकारों के प्रचार एवं संरक्षण में उत्कृष्ट भूमिका निभाई हो।
1981 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी श्री यशवर्धन कुमार सिन्हा ने श्रीलंका एवं यूनाइटेड किंगडम में उच्चायुक्त की गरिमामयी भूमिका निभाई तथा ब्रिटेन में भारत का प्रतिनिधित्व कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया। सेवानिवृत्ति के बाद 1 जनवरी 2019 को केंद्रीय सूचना आयुक्त नियुक्त हुए और 7 नवंबर 2020 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में शपथ दिलाई गई। उन्होंने 3 अक्टूबर 2023 तक यह पद संभाला। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में RTI सुधार शामिल हैं, जहां COVID काल में वर्चुअल सुनवाई से आयोग का कार्य निर्बाध चला तथा जम्मू-कश्मीर में केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद RTI मामलों का त्वरित निपटारा किया गया – 2020-21 में 301 तथा 2022-23 में 697 मामले निस्तारित हुए। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा चुने गए, जो पारदर्शिता का प्रतीक बना। इन योगदानों से सूचना के अधिकार के माध्यम से नागरिकों के मौलिक अधिकारों और पारदर्शिता को मजबूती मिली।
HRPC अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में भारत सहित विश्व की चुनिन्दा हस्तियों को सम्मानित किया गया है जिन्होंने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री यशवर्धन कुमार सिन्हा का यह सम्मान विधिक एवं कूटनीतिक जगत में मानवाधिकार संरक्षण के लिए प्रेरणादायी है, जो दर्शाता है कि संस्थागत सुधारों और पारदर्शिता से समाज में न्याय एवं समानता को बढ़ावा दिया जा सकता है।
