दूरदर्शन के वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेश मिश्रा को HRPC महात्मा गांधी राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया
Awardह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) के अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में भारत के वरिष्ठ पत्रकार एवं दूरदर्शन के विशेष संवाददाता श्री राजेश मिश्रा को HRPC महात्मा गांधी राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत के उस उत्कृष्ट मानवाधिकार कार्यकर्ता को दिया जाता है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो और देश के नागरिकों के अधिकारों की मान्यता एवं संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो।
श्री राजेश मिश्रा दूरदर्शन के विशेष संवाददाता एवं निदेशक (स्वास्थ्य कार्यक्रम) के रूप में देशभर में जाने जाते हैं। भारतीय राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) में क्रिएटिव डायरेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनकी चर्चित वृत्तचित्र फिल्में – नई राह, एक जीवन, खोज-खबर, मैन ऑफ इवोल्यूशन – स्वास्थ्य, समाज और मानवीय संवेदना के मुद्दों पर बनी हैं और देश-विदेश में सराही गई हैं। लेखक के रूप में वे जनता के राष्ट्रपति (डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम), हाई-टेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कोविड-19: सदी की त्रासदी, सुशीला वर्मा की कहानियाँ और हालिया आत्मकथात्मक कृति “जागी आँखों के सपने” के रचयिता हैं। उनकी लेखनी जीवन-संघर्ष, विश्वास और उम्मीद की अनमोल कहानियाँ बयान करती है जो हर पाठक को अपने सपनों को पहचानने का साहस देती है। मीडिया एवं साहित्य के माध्यम से उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक मुद्दों एवं मानवीय मूल्यों को प्रमुखता दी है।
HRPC अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में भारत सहित विश्व की चुनिन्दा हस्तियों को सम्मानित किया गया है जिन्होंने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री राजेश मिश्रा का यह सम्मान पत्रकारिता एवं साहित्य के माध्यम से मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरणादायी है, जो दर्शाता है कि मीडिया की शक्ति से देश के नागरिकों के अधिकारों एवं जागरूकता को मजबूत किया जा सकता है।
