तिहाड़ जेल के पूर्व कानून अधिकारी श्री सुनील कुमार गुप्ता को HRPC डॉ. भीम राव अम्बेडकर राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया
Awardह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) के अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में दिल्ली की तिहाड़ जेल के पूर्व विधिक अधिकारी श्री सुनील कुमार गुप्ता को HRPC डॉ. भीम राव अम्बेडकर राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत के उस नागरिक को दिया जाता है जो विधिक क्षेत्र से जुड़ा हो, जैसे अधिवक्ता, न्यायाधीश या समकक्ष पेशेवर, और जिसने मानवाधिकारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट भूमिका निभाई हो।
श्री सुनील कुमार गुप्ता ने 1981 में तिहाड़ जेल में सेवा प्रारंभ की और बाद में जेल के प्रवक्ता एवं विधिक सलाहकार के पद पर पदोन्नत हुए। तिहाड़ से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में तथा दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत की जेल सुधार व्यवस्था में उनके ऐतिहासिक योगदान सराहनीय हैं, जिनमें जेल परिसर में विशेष न्यायालयों की शुरुआत, अदालतों और जेलों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली लागू करवाना तथा जेलों में लिंग समानता को बढ़ावा देते हुए महिला बंदियों के लिए पुरुषों की तरह सेमी-ओपन और ओपन जेल की सुविधाएं उपलब्ध करवाना शामिल हैं। सुधार एवं प्रशासन के क्षेत्र में उनके असाधारण प्रयासों के लिए उन्हें प्रतिष्ठित India Vision Award से भी सम्मानित किया जा चुका है। इन योगदानों से बंदियों के अधिकारों की रक्षा तथा न्याय प्रणाली में मानवीय दृष्टिकोण को मजबूती मिली है।
HRPC अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में भारत सहित विश्व की चुनिन्दा हस्तियों को सम्मानित किया गया है जिन्होंने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री सुनील कुमार गुप्ता का यह सम्मान जेल सुधार एवं विधिक क्षेत्र में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरणादायी है, जो दर्शाता है कि समर्पित प्रयासों से कैदियों के मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित कर समाज में न्याय एवं समानता को बढ़ावा दिया जा सकता है।
