प्रसिद्ध अधिवक्ता श्री नवीन कुमार शेलर को HRPC डॉ. भीम राव अम्बेडकर राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया
Awardह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) के अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में भारत के सुप्रीम कोर्ट के माननीय अधिवक्ता श्री नवीन कुमार शेलर को HRPC डॉ. भीम राव अम्बेडकर राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत के उस नागरिक को दिया जाता है जो विधिक क्षेत्र से जुड़ा हो, जैसे अधिवक्ता, न्यायाधीश या समकक्ष पेशेवर, और जिसने मानवाधिकारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट भूमिका निभाई हो।
श्री नवीन कुमार शेलर एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता, चिंतक, लेखक, शिक्षाविद् एवं समाज-संवेदना से जुड़े सार्वजनिक बौद्धिक हैं। उन्होंने कानून को केवल पेशे के रूप में नहीं अपनाया, बल्कि उसे न्याय, गरिमा और मानवीय संवेदनशीलता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के साधन के रूप में देखा है। पर्यावरण न्याय के क्षेत्र में उनकी अवधारणा “Privacy of Nature” ने प्राकृतिक स्थलों की सुरक्षा के लिए एक नई संवैधानिक दृष्टि प्रस्तुत की है। TLO – The Law Office के माध्यम से उन्होंने अनेक राज्यों में नागरिकों, संस्थाओं और कमजोर वर्गों को सरल एवं संवेदनशील विधिक सहयोग प्रदान किया है। न्याय से वंचितों के लिए उनकी पहल Nayaya – A Voice for Justice आर्थिक कमी या सामाजिक बाधाओं के कारण न्याय से दूर लोगों तक कानूनी सहायता पहुँचाती है। देशभर के विश्वविद्यालयों, लॉ स्कूलों एवं सरकारी संस्थाओं में समकालीन कानूनी मुद्दों पर वे नियमित व्याख्यान देते हैं तथा संवैधानिक कानून, पर्यावरण, तकनीक, ESG, शासन और सामाजिक परिवर्तन पर 80 से अधिक लेख प्रकाशित कर चुके हैं। उनकी बौद्धिक विश्वसनीयता का प्रमाण यह है कि देश के दिग्गज राजनेता भी उनके विचारों को सोशल मीडिया पर फॉलो करते हैं। इन प्रयासों से विधिक जागरूकता एवं मानवाधिकार संरक्षण को नई दिशा मिली है।
HRPC अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में भारत सहित विश्व की चुनिन्दा हस्तियों को सम्मानित किया गया है जिन्होंने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री नवीन कुमार शेलर का यह सम्मान विधिक एवं सामाजिक जगत में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरणादायी है, जो दर्शाता है कि बौद्धिक एवं संवेदनशील प्रयासों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं गरिमा पहुँचाई जा सकती है।
