भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी श्री इन्तेखाब अहमद को HRPC मदर टेरेसा राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया
Awardह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) के अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री इन्तेखाब अहमद को HRPC मदर टेरेसा राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत के उस उत्कृष्ट मानवतावादी को दिया जाता है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर मानवता के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं प्रभावशाली कार्य किया हो, जिससे देश भर के वंचित, पीड़ित एवं निराश्रित नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित एवं आशापूर्ण जीवन प्राप्त हो सके।
श्री इन्तेखाब अहमद ने अपने दीर्घ सैन्य करियर में देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्रसेवा के लिए उन्हें 9 से अधिक सैन्य पदकों से सम्मानित किया गया, जिनमें कारगिल युद्ध पदक (ऑपरेशन विजय स्टार), ऑपरेशन विजय स्पेशल मेडल तथा अंडमान-निकोबार में 10 वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सैन्य सेवा पदक उल्लेखनीय हैं। उनकी अनुशासनात्मक क्षमता एवं नेतृत्व गुणों के कारण नेवल बेस, कोच्ची स्थित Naval Signal School में 5 वर्षों तक प्रशिक्षक रहे, जहां उन्होंने नौसैनिकों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया तथा स्कूल के कप्तान द्वारा विशेष प्रशंसा-पत्र प्राप्त किया। HRPC ने उनके अनुभव एवं प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें Crime Control Cell के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया, जहां वे अपराध नियंत्रण की रणनीतियों को सुदृढ़ करने, पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने तथा संस्था के संरचनात्मक विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने मानवाधिकार संरक्षण एवं समाजसेवा को समर्पित कर दिया—RTI के माध्यम से लोगों के अधिकार दिलाना, प्रशासन एवं न्याय विशेषज्ञों से समन्वय स्थापित करना तथा सामाजिक समस्याओं का समाधान करना उन्हें एक सच्चा समाज संरक्षक बनाता है।
HRPC अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में भारत सहित विश्व की चुनिन्दा हस्तियों को सम्मानित किया गया है जिन्होंने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री इन्तेखाब अहमद का यह सम्मान राष्ट्रसेवा एवं मानवतावादी कार्यों के लिए प्रेरणादायी है, जो दर्शाता है कि सैन्य अनुशासन एवं समर्पण से समाज के वंचितों तक न्याय एवं सुरक्षा पहुंचाई जा सकती है।
