वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शूल पाणी सिंह को HRPC राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया
Awardह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) के अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में दूरदर्शी समाजसेवी एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शूल पाणी सिंह को HRPC राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत के उन उत्कृष्ट व्यक्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों के प्रचार, संरक्षण एवं मानवता की सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
डॉ. शूल पाणी सिंह एक दूरदर्शी समाजसेवी, वरिष्ठ पत्रकार, सांस्कृतिक संरक्षक और कुशल संगठनकर्ता हैं। वे HRPC मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ FASII दिल्ली चैप्टर के चेयरमैन, इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (बिहार-झारखंड) के पूर्व चेयरमैन, आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट, दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी (संस्कृति मंत्रालय) के एडिटर सदस्य, पर्यावरण संरक्षण मंच के मैनेजिंग एडिटर, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, इंडिया हेरिटेज कल्चर एंड आर्ट्स ट्रस्ट तथा SITE फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी, वर्क कल्चर कंसल्टेंसी के सीईओ सहित अनेक शीर्ष पदों पर विराजमान हैं। उन्हें विश्व स्तर पर 50 से अधिक सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा सामाजिक कार्य एवं जनकल्याण में मानद पीएचडी, दुबई में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (2023), इंडियन अचीवर्स अवॉर्ड (2017) सहित असंख्य पुरस्कार शामिल हैं। छोटे उद्योगों के हितैषी, भारत-अमेरिका व्यापार सेतु, सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षक और युवा पत्रकारों के प्रेरणास्रोत के रूप में वे सदैव अग्रणी रहे हैं। समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर (ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, 1986) तथा प्रभावशाली नेटवर्किंग, रणनीतिक दृष्टि, नवाचार और संकट प्रबंधन जैसे गुण उन्हें अद्वितीय नेता बनाते हैं। इन प्रयासों से सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक संरक्षण एवं मीडिया जागरूकता के माध्यम से मानवाधिकारों को मजबूती मिली है।
HRPC अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2025 में भारत सहित विश्व की चुनिन्दा हस्तियों को सम्मानित किया गया है जिन्होंने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. शूल पाणी सिंह का यह सम्मान समाजसेवा, पत्रकारिता एवं सांस्कृतिक संरक्षण के माध्यम से मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरणादायी है, जो दर्शाता है कि बहुमुखी नेतृत्व से समाज में समानता एवं गरिमा को बढ़ावा दिया जा सकता है।
