HRPC राष्ट्रीय अधिवेशन में HRPC खाद्य संरक्षण प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय खाद्य–नीति विशेषज्ञ डॉ. भारत कुलकर्णी लेंगे भाग
Updatesअंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, कृषि–नीति और वैश्विक बाजार–सुधार के क्षेत्र में दो दशक से अधिक अनुभव रखने वाले डॉ. भारत कुलकर्णी, जो वर्तमान में HRPC Food Safety Cell के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सेवा दे रहे हैं, आगामी HRPC राष्ट्रीय अधिवेशन में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराएंगे। डॉ. कुलकर्णी का कार्य वैश्विक स्तर पर कृषि एवं खाद्य प्रणाली को मानवाधिकार–आधारित दृष्टिकोण से पुनर्परिभाषित करने के लिए जाना जाता है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकारी के रूप में उन्होंने इथियोपिया के कृषि मंत्रालय के साथ मिलकर किसान–केंद्रित कृषि नीति विकसित की, जिसमें उचित मूल्य, बाजार तक समान पहुँच, सम्मान और आर्थिक अधिकार को मानवाधिकार के मूल सिद्धांतों में शामिल किया गया। उनके नेतृत्व में दुनिया का पहला “Specialty Coffee Human Rights Auction Model” विकसित हुआ, जिसने अफ्रीकी किसानों को अंतरराष्ट्रीय मूल्य का 85% तक प्रत्यक्ष लाभ दिलाकर वैश्विक बाजार संरचना में ऐतिहासिक बदलाव स्थापित किए।
मलावी, केन्या और घाना में वेयरहाउस रिसीट सिस्टम के नियामकीय ढाँचे का निर्माण भी उनके प्रमुख योगदानों में शामिल है। इस प्रणाली ने संग्रहित फसल को किसानों की कानूनी संपत्ति घोषित करते हुए उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता और सुरक्षित बाज़ार पहुंच सुनिश्चित की। रवांडा में East Africa Exchange संचालित करते हुए उन्होंने छोटे किसानों को पहली बार सीधी वैश्विक व्यापार पहुँच दिलाई—यह घोषित करते हुए कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भागीदारी किसी किसान का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि उसका अधिकार है।
पूँजी बाजार सुधारों में भी उनकी विशेषज्ञता बेहद प्रभावशाली रही है—Rwanda Capital Market Authority और Ghana Securities & Exchange Commission के लिए तैयार की गई उनकी नीतियों ने किसानों को मूल्य–अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करने वाले आधुनिक वित्तीय साधनों तक पहुँच उपलब्ध कराई। साथ ही, उन्होंने केन्या, तंज़ानिया, इथियोपिया और बांग्लादेश जैसे देशों के लिए ऐसे निर्यात एवं बाजार रोडमैप विकसित किए जिनका आधार यह मान्यता थी कि कृषि उत्पादन, मूल्य–वृद्धि और वैश्विक व्यापार में किसान की भागीदारी एक मौलिक मानवाधिकार है।
आज, HRPC Food Safety Cell के राष्ट्रीय नेतृत्व में, डॉ. कुलकर्णी भारत की खाद्य सुरक्षा को एक व्यापक मानवाधिकार मुद्दा मानते हैं—जहाँ उपभोक्ता संरक्षण, उत्पादक अधिकार, वैज्ञानिक मानक और न्यायपूर्ण मूल्य–श्रृंखला परस्पर जुड़े हुए स्तंभ हैं। उनका लक्ष्य एक ऐसी पारदर्शी, सुरक्षित और अधिकार–आधारित खाद्य प्रणाली का निर्माण करना है जिसमें उपभोक्ता और किसान दोनों समान रूप से सशक्त हों।
डॉ. भारत कुलकर्णी का कार्य यह स्थापित करता है कि एक सुरक्षित खाद्य प्रणाली केवल स्वास्थ्य नहीं, बल्कि न्याय, गरिमा और समानाधिकार का भी प्रश्न है—और HRPC के साथ उनका यह प्रयास भारत के लिए एक परिवर्तनकारी दिशा तय कर रहा है।
HRPC अन्तर्राष्ट्रीय अधिवेशन 2025 में आपका हार्दिक स्वागत है।
